चंबा में वेतन के लिए तरसे मजदूर: 15 साल सेवा के बाद भी नहीं मिला हक, विधानसभा में उठा मुद्दा

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चंबा में वेतन के लिए तरसे मजदूर: 15 साल सेवा के बाद भी नहीं मिला हक, विधानसभा में उठा मुद्दा

चंबा समाचार, 27 मार्च 2026 चंबा में लंबे समय से वन विभाग के नर्सरी कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं मिल रहा है। इससे परेशान होकर कार्यकर्ताओं ने डीसी ऑफिस के बाहर जमकर नारेबाजी की। अब इसका असर देखने को मिला है और यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया है।

विधानसभा में नर्सरी कार्यकर्ताओं का मुद्दा उठा 

चंबा के विधायक Neeraj Nayar ने विधानसभा सत्र के दौरान वन विभाग के नर्सरी कार्यकर्ताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने इन मजदूरों को वेतन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जल्द ही इस मामले पर एक SOP तैयार की जाएगी और पूरे प्रकरण की समीक्षा की जाएगी, ताकि नर्सरी कार्यकर्ताओं को उनका वेतन जल्द से जल्द मिल सके।

मजदूरों का प्रदर्शन और ज्ञापन

वन विभाग चंबा के नर्सरी कार्यकर्ताओं ने 24 मार्च को Chamba में डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता Jai Singh की अगुवाई में उपायुक्त Mukesh Repswal को ज्ञापन सौंपा गया। मजदूरों ने अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

15–16 साल से सेवा, डेढ़ साल से वेतन नहीं

मजदूरों का कहना है कि मसरूंड, कंदला और माणी बीट में कार्यरत कई कर्मचारी पिछले 15–16 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पिछले लगभग डेढ़ साल से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक शोषण का सामना कर रहे हैं। अधिवक्ता जय सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए विधायक नीरज नायर ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया।

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