चंबा समाचार 11 मार्च 2026 हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हर साल अप्रैल के महीने में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सूही मेला बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव भी है।
सूही मेला: हिमाचल प्रदेश के चंबा का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उत्सव
यह मेला रानी नैना देवी के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंबा में पानी की भीषण कमी के कारण, रानी सुनैना देवी ने पूरे चंबा वासियों की प्यास बुझाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। रानी नैना देवी (रानी सुनैना देवी) का पवित्र मंदिर चंबा शहर में चंडी माता मंदिर के ठीक बाईं ओर स्थित है। चंबा के सबसे ऊंचे स्थान पर बने इस मंदिर से पूरे चंबा शहर का विहंगम और मनोरम दृश्य दिखाई देता है।
महिलाओं और बच्चों का विशेष पर्व:
चूंकि रानी नैना देवी एक महिला थीं, इसलिए यह मेला मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित है। मेले में उनकी भागीदारी काफी उत्साहपूर्ण और देखने लायक होती है। मेले का एक प्रमुख आकर्षण भरमौर की गद्दी समुदाय की महिलाओं द्वारा पारंपरिक 'गोरिया' लोकगीत गया जाता है यह मधुर लोकगीत मेले की पहचान बन गया है और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम:
इस साल यह मेला 11 अप्रैल से शुरू होगा। पहले दिन पिंक पैलेस से सूही माता मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और रानी सुनैना देवी की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इसी के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। दूसरे दिन सूही माता मंदिर से मालूना स्थित बलिदान स्थल तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। वहां पर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। तीसरे दिन चंबेवाली लोकगीत 'सुकरात' के बीच मूर्ति की वापसी और शोभायात्रा का पिंक पैलेस में समापन किया जाएगा। इस दिन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी मेले में भाग लेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सूचना
मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए चंबा में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। यह मेला पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है, जहां वे हिमाचल की संस्कृति और परंपराओं को करीब से देख सकते हैं।
चंबा की ताजा खबरों के लिए कृपया हमें व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक पर फॉलो जरूर करें

.jpg)